April 25, 2009

मैं

Doston, have decided to publish my collection of poems here...starting with my favorite ' मैं '

so here we go...

मैं
अभी भी मैं ही हूँ
पर अब मैं वो मैं नहीं जो मैं था

मुझमे वो सब अब नहीं जीसकी वजह से मैं मैं था
पर जो कुछ भी मुझमे है, हूँ अभी भी मैं मैं ही
और मैं चाहता हूँ की लोग मुझे मैं ही समझें

पर यह कैसे हो सकता है
मैं तो बस मेरे लीये ही मैं हूँ
बाकीयों के लीये तो मैं - वो से वो हो गया हूँ
Post a Comment