July 10, 2017

A little hindi poem on Pollution

प्रदूषण रोको प्रदूषण रोको
सब यह शोर मचाते हैं
और फिर जी भर के
प्रदूषण फैलाते हैं
घर के बाहर पेड़ काट
Parking बनवाते हैं
फिर एक पौधा लगा
खुद को ग्रीन बताते हैं
ग्रीन बेल्ट को काट कर
सड़क चौड़ी करवाते हैं
और फिर कार-फ्री डे मनाते हैं
दो  कदम की दूरी है
SUV में जाते हैं
उसमे बैठे बच्चे को
प्रदूषण रोको समझाते हैं
बाहर बारिश हो रही है
फिर भी AC में नींद पाते हैं
Local warming फैला
Global warming का शोर मचाते हैं
प्रदूषण रोको प्रदूषण रोको
सब यही समझाते हैं

- मनीष जोशी
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